प्रधानमंत्री रोजगार मेले के जरिए अब तक करीब 12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। 19 सितंबर, 2026 में इसका 20वां संस्करण आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी शुरुआत 22 अक्टूबर, 2022 को की थी। इसका शुरुआती लक्ष्य केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में 10 लाख युवाओं को रोजगार देना था। रोजगार मेले के तहत रेलवे, डाक, गृह, रक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य समेत कई केंद्रीय विभागों में चयनित युवाओं को नियुक्ति दी जाती है।

यह पहल मिशन मोड में सरकारी विभागों के खाली पदों को तेजी से भरने पर केंद्रित है। देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ रोजगार मेले आयोजित किए जाते हैं और प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नवनियुक्त कर्मचारियों से संवाद करते हैं। नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाने के साथ-साथ युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ना इसका प्रमुख उद्देश्य है। नियुक्त कर्मचारियों को ‘कर्मयोगी प्रारंभ’ ऑनलाइन ओरिएंटेशन कोर्स के जरिए सरकारी कार्यप्रणाली, जिम्मेदारियों और जनसेवा से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है।
हालांकि, रोजगार मेले के दिन सीधे सरकारी नौकरी नहीं मिलती। उम्मीदवारों को पहले संबंधित भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा में सफल होना होता है। SSC, RRB, UPSC और IBPS जैसी संस्थाओं के जरिए चयनित उम्मीदवारों को अंतिम चयन के बाद रोजगार मेले में बुलाया जाता है, जहां उन्हें औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपा जाता है। यानी रोजगार मेला खुद कोई भर्ती परीक्षा नहीं, बल्कि चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र देने और सरकारी सेवा की शुरुआत का एक मंच है।

