दिल्ली में स्कूली बच्चों की Road Safety को लेकर सरकार ने नई पहल शुरू की है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सोमवार को वसुंधरा एन्क्लेव स्थित समरविले स्कूल से ‘सेफ वॉक टू स्कूल जोन’ पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की।

इसके तहत पूर्वी दिल्ली के 28 स्कूलों के बाहर बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। इस मौके पर भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली भी मौजूद रहे। Road Safety योजना सफल रहने पर इसे पूर्वी दिल्ली के सभी 270 स्कूलों तक पहुंचाने की तैयारी है।
जेब्रा क्रॉसिंग से लेकर स्पीड ब्रेकर तक होंगे इंतजाम
इस प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों के बाहर प्रमुख स्थानों पर Road Safety के लिए जेब्रा क्रॉसिंग, स्पीड ब्रेकर और बच्चों की सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाई जाएगी। साथ ही, स्कूल बसों के रुकने के लिए तय जगह बनाई जाएगी।

वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए ‘स्कूल आगे है’, गति सीमा और जेब्रा क्रॉसिंग से जुड़े साइनबोर्ड भी लगाए जाएंगे। हर्ष मल्होत्रा के मुताबिक, यह काम CSR पहल के तहत किया जा रहा है और GRAP प्रतिबंध हटने के बाद शुरू होगा।
सफल होने पर 270 स्कूलों तक पहुंचेगी योजना
हर्ष मल्होत्रा ने Road Safety को पूरे समाज की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। वहीं, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू भी स्कूलों में सुरक्षा के व्यापक इंतजामों पर जोर दे चुके हैं। उनका मानना है कि स्कूल सुरक्षा में केवल इमारत और अग्नि सुरक्षा ही नहीं, बल्कि परिवहन, साइबर सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य भी शामिल हैं।

ऐसे में ‘सेफ वॉक टू स्कूल’ प्रोजेक्ट से स्कूलों के आसपास सड़क हादसों का खतरा कम करने और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

