उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें पंजाब के तीन युवक और एक नाबालिग शामिल हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर राना भाई के संपर्क में थे और उन्हें सेना या पुलिस के जवानों को निशाना बनाने का टास्क दिया गया था।

आरोपियों के पास से एक विदेशी पिस्टल और 20 कारतूस बरामद हुए हैं। मामले में Lucknow के गोमतीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एटीएस के अनुसार, आरोपियों का मकसद वारदात का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजना और देश में दहशत फैलाना था।
पाकिस्तानी हैंडलर से सोशल मीडिया पर संपर्क, वीडियो भेजने के बदले 3 लाख का लालच
जांच के अनुसार, आरोपी 27 अक्टूबर को अमृतसर से निकले और दिल्ली होते हुए 29 अक्टूबर की रात Lucknow पहुंचे। उन्हें यात्रा और रहने के खर्च के लिए ऑनलाइन पैसे भेजे गए थे। आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे। आरोप है कि उन्होंने लखनऊ रेलवे स्टेशन का वीडियो बनाकर भी पाकिस्तान भेजा।

हैंडलर्स ने सेना या पुलिस के किसी जवान की हत्या का वीडियो बनाने के बदले तीन लाख रुपये देने का वादा किया था। आरोपियों को किसी खास जवान की पहचान नहीं बताई गई थी। जांच एजेंसियों को उनके मोबाइल से संदिग्ध चैट और संवेदनशील प्रतिष्ठानों के वीडियो मिलने की जानकारी दी गई है।
नेपाल के रास्ते हथियार आने का शक, नेटवर्क की जांच तेज
एटीएस अब आरोपियों को हथियार उपलब्ध कराने वाले लोगों, पैसों के लेन-देन और पाकिस्तानी हैंडलर्स से उनके संपर्कों की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, Lucknow में हैंडलर के एक साथी ने आरोपियों को पिस्टल और कारतूस दिए थे। हथियार नेपाल के रास्ते भारत लाए जाने की आशंका भी जताई गई है।

गिरफ्तार आरोपियों में एक युवक पहले आर्म्स एक्ट के मामले में जेल जा चुका है, जबकि नाबालिग पर पंजाब में पेट्रोल बम हमले से जुड़े मामले में कार्रवाई हो चुकी है। एजेंसियां शहजाद भट्टी नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाने में जुटी हैं। फिलहाल, मामले में आगे की जानकारी पूछताछ और जांच के बाद सामने आएगी।


