Delhi में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने विंटर एक्शन प्लान की घोषणा की है। इसके तहत प्रदूषण नियंत्रण के नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। वैध PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट के बिना वाहनों को पेट्रोल, डीजल, CNG और LPG ईंधन नहीं मिलेगा। यह नियम दिल्ली में पहले से लागू है और इसके पालन को और सख्त किया जाएगा।

Delhi सरकार का विंटर एक्शन प्लान 1 नवंबर से लागू होगा। इस अभियान के तहत दिल्ली के सभी 500 ऐसे पेट्रोल पंपों पर निगरानी और कार्रवाई की जाएगी, जहां ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगे हैं। इन कैमरों की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट की पहचान कर नियमों के पालन की जांच की जाएगी।
इसके अलावा, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक Delhi के बाहर पंजीकृत BS-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।

प्रदूषण कम करने के लिए Delhi सरकार ने निर्माण और तोड़फोड़ से होने वाली धूल पर भी नियंत्रण के उपाय किए हैं। धूल फैलाने वाली निर्माण गतिविधियों पर 1 नवंबर से 31 जनवरी तक रोक रहेगी, जबकि निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक पूर्ण प्रतिबंध लगाने की योजना है।
Delhi सरकार ने अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क बढ़ाने, सरकारी और निजी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने और कार्यालयों के समय में बदलाव जैसे कदम भी घोषित किए हैं। इन उपायों का उद्देश्य निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करना और सर्दियों में दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में सुधार करना है।



