उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को Yogi सरकार ने मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।

बैठक के बाद सीएम योगी ने बताया कि प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 साल पूरे होने के अवसर पर उनके सम्मान में यह प्रस्ताव पारित किया गया है। इस दौरान दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे।
चार चरणों में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में किया जा रहा है। इसके पहले चरण में करीब 3,300 एकड़ जमीन पर टर्मिनल और रनवे तैयार किए गए हैं, जहां से सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। सभी चरण पूरे होने के बाद यह एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री Yogi ने इस फैसले के साथ उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए हैं। इसके अलावा मेट्रो नेटवर्क, नमो भारत ट्रेन, रक्षा औद्योगिक गलियारे और ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट जैसी परियोजनाओं से राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
किसानों, युवाओं और गरीब परिवारों के लिए योजनाओं का जिक्र
सीएम Yogi ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों को गिनाते हुए कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत तीन करोड़ से अधिक किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी गई है। वहीं, 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है और करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री Yogi के अनुसार, प्रदेश में 9.50 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गईं, जबकि निजी क्षेत्र में भी नियुक्तियों के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम के विकास और महाकुंभ जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को दोहराया।


