Delhi में निजी जमीन पर प्राइवेट स्कूल खोलने की प्रक्रिया अब आसान हो गई है। दिल्ली सरकार ने Delhi School Education Regulations, 1973 में संशोधन करते हुए निजी स्वामित्व वाली जमीन पर School खोलने के लिए ‘एसेंशियलिटी सर्टिफिकेट’ और जनहित जांच की अनिवार्यता खत्म कर दी है। सरकार ने इस संशोधन को 30 सितंबर 2026 को दिल्ली राजपत्र में अधिसूचित किया।

नए नियम के बाद निजी जमीन पर School खोलने के इच्छुक संस्थानों और सार्वजनिक न्यासों को पहले की तरह यह साबित करने की जरूरत नहीं होगी कि संबंधित इलाके में नए School की आवश्यकता है या प्रस्ताव जनहित में है। इससे निजी जमीन पर नए School शुरू करने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक शर्त हट गई है।
सरकारी जमीन के लिए जनहित जांच रहेगी लागू
नए नियमों में निजी स्वामित्व वाली कमर्शियल जमीन और सरकार या नगर निगम से रियायती दर पर पट्टे या नीलामी के जरिए मिली संस्थागत जमीन के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। निजी जमीन पर स्कूल खोलने के प्रस्ताव में जनहित वाली प्रक्रिया लागू नहीं होगी, जबकि सरकारी या नगर निगम से मिली संस्थागत जमीन के मामले में प्रस्तावित स्कूल की जानकारी और जरूरी जांच के आधार पर यह देखा जाएगा कि School खोलना जनहित में है या नहीं।

इससे पहले स्कूल खोलने के इच्छुक संस्थानों को नोटिस देना पड़ता था और सरकार यह तय करती थी कि संबंधित क्षेत्र में नए स्कूल की वास्तविक जरूरत है या नहीं। मान्यता देने से पहले इलाके में मौजूद स्कूलों की संख्या और जरूरत का आकलन भी किया जाता था। अब निजी जमीन के मामले में यह प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है। संशोधन का ड्राफ्ट 10 अगस्त 2026 को जारी कर लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे, लेकिन निर्धारित अवधि में कोई आपत्ति या सुझाव प्राप्त नहीं हुआ।


