जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। यूसमर्ग के ऊपरी जंगलों में हुए Budgam Encounter में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को मार गिराया गया। 29 सितंबर की रात सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। तलाशी के दौरान आतंकियों ने फायरिंग कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई। सर्च के दौरान मूसा का शव हथियारों और अन्य युद्ध सामग्री के साथ बरामद किया गया। इलाके में अभी भी तलाशी अभियान जारी है।
4 साल से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था मूसा
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हाशिम मूसा 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर के चार सदस्यीय ग्रुप का हिस्सा था। इस ग्रुप में जुनैद रमजान, सुलेमान शाह, यासिर और मूसा शामिल थे। जुनैद, सुलेमान और यासिर पहले ही अलग-अलग ऑपरेशन में मारे जा चुके थे, जबकि मूसा इस नेटवर्क का आखिरी सक्रिय सदस्य बताया गया। मूसा का नाम जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों से जोड़ा गया था। सितंबर में इससे पहले Budgam में यासिर और उधमपुर में दो पाकिस्तानी आतंकियों को मारे जाने की जानकारी सामने आई थी। इस तरह सितंबर में Budgam-उधमपुर क्षेत्र में सुरक्षाबलों के अभियानों में कम से कम पांच आतंकियों के मारे जाने की रिपोर्ट है।
पूर्व पाकिस्तानी SSG कमांडो होने का दावा
रिपोर्टों के मुताबिक, मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा पाकिस्तानी नागरिक था और पाकिस्तान की Special Services Group (SSG) से जुड़ा रह चुका था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह 2022 में घुसपैठ के जरिए कश्मीर घाटी में आया था। एजेंसियों ने लंबे समय तक उसकी तलाश की और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। मूसा की मौत के साथ उसके चार सदस्यीय LeT नेटवर्क के सभी प्रमुख सदस्यों के मारे जाने की बात सामने आई है।


