पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के एक बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। 18 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित ए.जी. नूरानी मेमोरियल लेक्चर में अंसारी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के एक कथित पुराने कथन का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नेहरू के मुताबिक भारत के लिए साम्यवाद से ज्यादा खतरा हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से था। अंसारी ने यह संदर्भ ए.जी. नूरानी की 2019 में प्रकाशित किताब “The RSS: A Menace to India” के हवाले से दिया।

BJP और योगी आदित्यनाथ ने जताई आपत्ति
अंसारी के बयान के बाद भाजपा और विश्व हिंदू परिषद की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टिप्पणी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के संदर्भ में आपत्तिजनक बताया है। VHP प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने भी अंसारी के बयान की आलोचना की। भाजपा की ओर से इसे लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए गए हैं।
बयान पर जारी है राजनीतिक बहस
इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विवाद का केंद्र अंसारी द्वारा उद्धृत नेहरू का कथित कथन, सांप्रदायिक राजनीति और नागरिक राष्ट्रवाद से जुड़े उनके विचार हैं। फिलहाल इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस और सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।

