कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से जुड़े वोटर लिस्ट मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मजिस्ट्रेट के 2025 के आदेश को रद्द कर दिया है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की मतदाता सूची में भारतीय नागरिकता हासिल करने से पहले शामिल हुआ था। स्पेशल जज विशाल गोगने ने मामले को दोबारा मजिस्ट्रेट के पास भेजते हुए नए सिरे से सुनवाई के निर्देश दिए हैं।

29 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
कोर्ट के मुताबिक, पहले के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि शिकायत में किसी संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है या नहीं। अदालत ने यह भी कहा कि संबंधित पुलिस अधिकारी को सुनने और पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई थी। अब शिकायतकर्ता और दिल्ली पुलिस का पक्ष सुनने के बाद मजिस्ट्रेट को कानून के अनुसार कारणयुक्त आदेश देना होगा। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
क्या है शिकायत?
शिकायतकर्ता अधिवक्ता विकास त्रिपाठी के अनुसार, सोनिया गांधी का नाम 1980 की नई दिल्ली वोटर लिस्ट में दर्ज था, जबकि उनके मुताबिक भारतीय नागरिकता अप्रैल 1983 में मिली। शिकायत में नाम 1982 में हटने और बाद में फिर शामिल होने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। अदालत ने अभी इन आरोपों को सही या गलत घोषित नहीं किया है और ना ही FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। अब मजिस्ट्रेट नए सिरे से शिकायत और पुलिस की रिपोर्ट पर फैसला करेंगे।

