2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले नशे का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। BJP ने 18 से 30 सितंबर तक ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है। चार यात्राओं के जरिए करीब 4,000 किलोमीटर का सफर तय कर राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने की योजना है। BJP ने इस अभियान के जरिए AAP सरकार पर नशे पर लगाम लगाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है।

AAP का पलटवार, कार्रवाई का दावा
BJP के आरोपों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP नेताओं ने सरकार की कार्रवाई का हवाला देते हुए पलटवार किया है। AAP का कहना है कि ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई, रोकथाम और पुनर्वास जैसे कदमों पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, BJP नेताओं ने सरकार के पुराने लक्ष्यों और समय-सीमा को लेकर सवाल उठाए हैं। दोनों पक्षों के दावों के बीच नशे की समस्या पर राजनीतिक टकराव लगातार तेज हो रहा है।
ड्रग्स की सप्लाई को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप
बहस सिर्फ पंजाब में कार्रवाई तक सीमित नहीं है। AAP नेताओं ने ड्रग्स की सप्लाई को लेकर पड़ोसी राज्यों और केंद्र की एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं, जबकि BJP राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था और स्थानीय ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई को मुद्दा बना रही है। इस बीच 30 सितंबर को जालंधर में यात्रा के समापन कार्यक्रम की तैयारी है।

