सोशल मीडिया पर वायरल ‘80s Retro Photo’ ट्रेंड अब साइबर ठगों के निशाने पर है। साइबर सुरक्षा एजेंसियों और कई राज्यों की पुलिस ने लोगों को फर्जी फोटो-एडिटिंग लिंक और ऐप्स से सावधान रहने की सलाह दी है। ठग WhatsApp, SMS और सोशल मीडिया के जरिए 1980 के दशक जैसा फोटो लुक देने का दावा करने वाले लिंक भेज रहे हैं। अमरोहा में ऐसे ही एक मामले में एक व्यक्ति के खाते से 16 हजार रुपये निकलने की घटना भी सामने आई है।

एक क्लिक और मोबाइल की सुरक्षा खतरे में
ठगी का तरीका आसान है। लिंक खोलने के बाद यूजर को अक्सर किसी अनजान वेबसाइट से APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। ऐप इंस्टॉल होने पर SMS, कॉन्टैक्ट, स्टोरेज या नोटिफिकेशन जैसी गैर-जरूरी परमिशन मांगी जा सकती हैं। इनका गलत इस्तेमाल संवेदनशील जानकारी और OTP तक पहुंच बनाने के लिए किया जा सकता है। वहीं, हाई-क्वालिटी तस्वीरों का दुरुपयोग फर्जी प्रोफाइल या डीपफेक बनाने में भी हो सकता है।
सुरक्षा के लिए याद रखें ये बातें
किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और थर्ड-पार्टी वेबसाइट से APK डाउनलोड न करें। फोटो एडिटिंग ऐप की परमिशन, डेवलपर और स्रोत जरूर जांचें। अगर गलती से संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो गया है, तो तुरंत इंटरनेट बंद कर ऐप हटाएं और बैंक को सूचना दें। साइबर ठगी होने पर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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