भारतीय मूल की अमेरिकी निवासी जिसने सिर्फ अपने जीवन में ऊंचाइयां हासिल ही नहीं की बल्कि ऐसी उड़ान भरी कि अंतरिक्ष तक अपनी पहुंच बनाने में भी सफल रही। हम बात कर रहे हैं सुनीता विलियम्स की जिन्हें उनके सहयोगी एस्ट्रोनॉट बैरी विल्मोर के साथ 5 जून को मानव क्रू फ्लाइट टेस्ट का हिस्सा बनाकर अंतरिक्ष भेजा गया था। इनकी वापसी 8 दिन बाद होनी थी, लेकिन स्पेसक्राफ्ट (स्टारलाइनर) में तकनीकी खराबी के कारण ये 8 दिन की यात्रा 8 महीनों से भी ज्यादा की यात्रा में तब्दील हो गई।
नासा ने क्या कहा?
नासा की जानकारी के मुताबिक SpaceX द्वारा जो ड्रैगन क्रू कैप्सूल बनाया जा रहा है वो अब बहुत जल्द मिशन के लिए तैयार होने वाला है। नासा का कहना है कि पहले सुनीता और बैरी की वापसी अप्रैल के पहले हफ्ते में थी लेकिन अब ये दो हफ्ते जल्दी यानि कि मार्च के अंत में लौटने की संभावना है।
क्या है ड्रैगन क्रू कैप्सूल?
स्पेस एक्स का ड्रैगन क्रू एक खास तरह का कैप्सूल है जो स्पेसएक्स कंपनी ने डिजाइन किया है। इसमें एक बार में सात अंतरिक्ष यात्री भेजे जा सकते हैं। यह रीयूजेबल यानी बार-बार उपयोग में लाया जा सकने वाला अंतरिक्ष यान है। यह ड्रैगन 1 कार्गो स्पेसक्राफ्ट की अगली पीढ़ी का यान है। इससे अंतरिक्ष यात्रियों को वापस धरती पर लाया जा सकता है।
ड्रैगन क्रू कैप्सूल की खासियत
इस कैप्सूल की खासियत यह है कि इसमें अन्य किसी भी अंतरिक्ष यान के मुकाबले काफी ज्यादा जगह है। यह अपनी तरह का पहला कैप्सूल है, जिसमें सात अंतरिक्ष यात्री एक साथ जा सकते हैं। इस कैप्सूल में नॉब्स और बटन की संख्या काफी कम है। इनकी जगह कैप्सूल में टच स्क्रीन को ज्यादा तरजीह दी गई है। इसमें तीन बड़े स्क्रीन लगाए हैं जो पूरी तरह से टच स्क्रीन से संचालित होते हैं।

