कुंभ में स्नान करने से कुछ लोग बैक्टिरियल और वायरल इन्फेक्शन का शिकार हो रहे हैं। कई मरीज तो कुंभ स्नान के बाद इतना बीमार हो गए कि उन्हें इलाज के लिए आईसीयू और वेंटिलेटर में रखना पड़ा। गौरतलब है कि लगभग 50 करोड़ श्रद्धालु कुंभ स्नान कर चुके हैं और अब जाकर कुछ डॉक्टर नींद से जागे।
लोगों में इन्फेक्शन होता देख, डॉक्टरों ने कहा कि ऐसे लोग जो पहले से बीमार हैं, वे कुंभ जाने से बचें। आम लोगों को भी भीड़ में संक्रमण के खतरे से बचने के लिए मास्क पहनना चाहिए।
माना कि डॉक्टरों को भगवान के सामान उपाधि दी गई है, क्योंकि जो लोगों को बचाता है उसे ही ऐसी उपाधि के रूप में सम्मान मिलता है। डॉक्टरों का विचार भी प्रशंसनीय है लेकिन अब इस विचार का कोई खास औचित्य नहीं रह जाता। जहां 43 दिन के दुनिया के सबसे विशाल आयोजन को एक महीना पूरा हो चुका है अब ऐसे में डॉक्टरों का ये सार्वजनिक परामर्श समझ से परे है।
डॉक्टरों का परामर्श
BLK सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लंग्स एक्सपर्ट डॉक्टर संदीप नय्यर ने कहा एक 65 वर्षीय महिला कुंभ स्नान के बाद इलाज के लिए आई थी। उनकी चेस्ट में निमोनिया हो गया था जिस कारण उन्हें आईसीयू में रखना पड़ा। अब वह ठीक है।
वहीं आकाश अस्पताल के लंग्स और चेस्ट विशेषज्ञ डॉक्टर अक्षय बुद्धिराजा ने बताया कि उनके यहां कई मरीज आए हैं, जो कुंभ स्नान के बाद इन्फेक्शन के शिकार हो गए हैं, जिसमें दो विदेशी मरीज भी हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मामले तो पुराने है, जो पहले से दमा, अस्थमा आदि के मरीज हैं, उनके लिए समस्या बढ़ गई है। कुछ नए मामले ऐसे भी सामने आए हैं जिनमें वायरल निमोनिया हो रहा है, जो वायरस की वजह से हो रहा है। कुछ मामलों में H1N1 वायरस तो कुछ मामलों में इन्फ्लूएंजा-ए और इन्फ्लूएंजा-बी का संक्रमण है।
डॉक्टर के मुताबिक, अगर आप बीमार हैं तो कुंभ नहीं जाए। अगर कुंभ में जाकर बीमार हुए हैं तो घूमना बंद कर दें, नहीं तो इससे दूसरे भी संक्रमण का शिकार हो सकते हैं।
कुंभ में स्नान करने से कुछ लोग बैक्टिरियल और वायरल इन्फेक्शन का शिकार हो रहे हैं। कई मरीज तो कुंभ स्नान के बाद इतना बीमार हो गए कि उन्हें इलाज के लिए आईसीयू और वेंटिलेटर में रखना पड़ा। गौरतलब है कि लगभग 50 करोड़ श्रद्धालु कुंभ स्नान कर चुके हैं और अब जाकर कुछ डॉक्टर नींद से जागे।
लोगों में इन्फेक्शन होता देख, डॉक्टरों ने कहा कि ऐसे लोग जो पहले से बीमार हैं, वे कुंभ जाने से बचें। आम लोगों को भी भीड़ में संक्रमण के खतरे से बचने के लिए मास्क पहनना चाहिए।
माना कि डॉक्टरों को भगवान के सामान उपाधि दी गई है, क्योंकि जो लोगों को बचाता है उसे ही ऐसी उपाधि के रूप में सम्मान मिलता है। डॉक्टरों का विचार भी प्रशंसनीय है लेकिन अब इस विचार का कोई खास औचित्य नहीं रह जाता। जहां 43 दिन के दुनिया के सबसे विशाल आयोजन को एक महीना पूरा हो चुका है अब ऐसे में डॉक्टरों का ये सार्वजनिक परामर्श समझ से परे है।
डॉक्टरों का परामर्श
BLK सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लंग्स एक्सपर्ट डॉक्टर संदीप नय्यर ने कहा एक 65 वर्षीय महिला कुंभ स्नान के बाद इलाज के लिए आई थी। उनकी चेस्ट में निमोनिया हो गया था जिस कारण उन्हें आईसीयू में रखना पड़ा। अब वह ठीक है।
वहीं आकाश अस्पताल के लंग्स और चेस्ट विशेषज्ञ डॉक्टर अक्षय बुद्धिराजा ने बताया कि उनके यहां कई मरीज आए हैं, जो कुंभ स्नान के बाद इन्फेक्शन के शिकार हो गए हैं, जिसमें दो विदेशी मरीज भी हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मामले तो पुराने है, जो पहले से दमा, अस्थमा आदि के मरीज हैं, उनके लिए समस्या बढ़ गई है। कुछ नए मामले ऐसे भी सामने आए हैं जिनमें वायरल निमोनिया हो रहा है, जो वायरस की वजह से हो रहा है। कुछ मामलों में H1N1 वायरस तो कुछ मामलों में इन्फ्लूएंजा-ए और इन्फ्लूएंजा-बी का संक्रमण है।
डॉक्टर के मुताबिक, अगर आप बीमार हैं तो कुंभ नहीं जाए। अगर कुंभ में जाकर बीमार हुए हैं तो घूमना बंद कर दें, नहीं तो इससे दूसरे भी संक्रमण का शिकार हो सकते हैं।
