देश में फास्टैग को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इस बदलाव के तहत एक नया नियम लागू किया जाएगा जिसमें टोल बूथ पहुंचने से एक घंटे पहले तक अगर फास्टैग रिचार्ज होगा करवाया जाएगा तो ही फास्टैग सक्रिय रूप से वैधता के साथ काम करेगा। अगर एक घंटे के भीतर या टूल बूथ पहुंचने से कुछ मिनटों पहले फास्टैग रिचार्ज करवाया जाएगा या डिएक्टिवेट से एक्टिवेट किया जाएगा तो दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ेगा।
क्यों है फास्टैग जरूरी?
देश में तमाम बड़े हाइवे जहां एक समय गाड़ियों की लंबी कतार हुआ करती थी जिस वजह से लंबा जाम देखने को मिलता था, लेकिन जब से फास्टैग लागू किया गया है तब से कई परेशानियां एक साथ खत्म हुई हैं जिनका सामना अक्सर यात्रियों को करना पड़ता था। अब यही फास्टैग लोगों के लिए कई रूपों में सुविधाजनक बन गया है। जैसे कि:
- फास्टैग से पहले तक कई बार धांधलेबाजी के मामले सामने आए हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा था। इसके लागू होने से सीधे तौर पर पेमेंट यात्री के फास्टैग अकाउंट से कटती है, जो कि एक ऐसे फास्टैग स्टीकर के माध्यम से होगा जो गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगा होता है।
- इससे कैशलैस सुविधा का फायदा मिलेगा, अगर आपकी जेब खाली है लेकिन अगर फास्टैग अकाउंट में बैलेंस है तो भी ये सुविधा आपके काम आती है।
- आपके वाहन से ईंधन, समय की खपत कम होती है और प्रदूषण भी कम होता है।

